वक्त के पांव कितनी तेजी से बढ़ते है।,,,,,,,,,,,,,,,,पर पीछे के निशान साथ ले कर चलते है। क्या लगता है आपको कि वक्त के पांव सच में तेजी से बढ़ते है शायद आपकों को भीं ये सच लगता है क्या कहा हाँ , सच कहा चलिए तो इस वक्त की रफ्तार को किसी लड़की की जिन्दगीं से जोड कर चलते है जिसे मै जानती हू आप नहीं , पर जान जायेगे वक्त आपको समझा देगा , अभी लगता है जैसे कुछ दिनों पहले कि ही बात है मेरे घर के पड़ोस में एक प्यारी से बच्ची का जन्म हुआ रंग उजला हुआ जैसे चाँदनी की सारी ललिमा लपेट कर धरती पर आयी कोई सुंदरी आँखे इतनी बड़ी जैसे समुन्द्र की सारी जहाज़े उसमे खो जाये गरदन हिरनी जैसी होठ जैसे गुलाबों की रानी ने आपना बलिदान दे कर उसके होठो पर रक्त छिड़का हो उसकी सुंदरता देखकर पहला शब्द उसकी दादी के मुँह से निकला मैनें सुना लड़की हुई जब ये शब्द उनके मुहं से निकला तो मानो ऐसा लगा जैसे उनकी कोई बरसो की तपस्या का फल भगवान ने उनके लाख तप जाप करने के बाद नहीं दिया। पिता की बड़ी बड़ी आंखो ने जब उनके तरफ देखा तो उन्हें ऐसा लगा जैसे उन्होने गलत शब्दो का जाल बिछाया फिर वो नजरे नीची करके मानो जैसे...
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